Tally Prime 6.2 Update 2025: टैली प्राइम भारत के व्यवसायों के लिए अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का एक प्रमुख नाम है, जो जीएसटी अनुपालन से लेकर इनवॉइसिंग तक सभी जरूरतों को पूरा करता है। 2025 में रिलीज हुए टैली प्राइम 6.2 अपडेट ने उपयोगकर्ताओं के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी हैं, जो विशेष रूप से जीसीसी देशों (जैसे यूएई, सऊदी अरब) के लिए उपयोगी हैं, लेकिन भारतीय बाजार में भी व्यापक प्रभाव डाल रही हैं। यह अपडेट अगस्त 2025 में लॉन्च हुआ, जिसमें मल्टीलिंगुअल सपोर्ट, ऑटोमेशन और कंप्लायंस पर फोकस है।

यदि आप टैली यूजर हैं, तो ये बदलाव आपके दैनिक कार्यों को प्रभावित करेंगे। इस लेख में हम इन फीचर्स का विस्तार से विश्लेषण करेंगे, ताकि आप अपडेट को आसानी से अपनाएं।
Tally Prime 6.2 Update 2025: मल्टीलिंगुअल इनवॉइसिंग और शेयरिंग, वैश्विक व्यापार के लिए नया आयाम
टैली प्राइम 6.2 का सबसे प्रमुख बदलाव अरबी और द्विभाषी (अंग्रेजी-अरबी) इनवॉइसेज का समर्थन है। अब आप सेल्स इनवॉइस को अरबी, अंग्रेजी या दोनों भाषाओं में पीडीएफ फॉर्मेट में तैयार कर ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से शेयर कर सकते हैं। जीसीसी देशों में टैक्स अथॉरिटी के नियमों के अनुरूप यह फीचर विशेष रूप से उपयोगी है, जहां अरबी टेम्प्लेट्स का विकल्प भी उपलब्ध है। इससे अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट्स के साथ संचार सरल हो जाता है, और दस्तावेजों की पहुंच बढ़ जाती है। भारतीय यूजर्स के लिए भी यह मल्टीलिंगुअल सपोर्ट क्षेत्रीय भाषाओं में विस्तार का द्वार खोलता है।
टैक्स अथॉरिटी अनुरूप इनवॉइस प्रिंटिंग: डिफॉल्ट फॉर्मेट में बदलाव
इस अपडेट में टैक्स इनवॉइस फॉर्मेट 2 को डिफॉल्ट सेट किया गया है, जो टैक्स अथॉरिटी द्वारा सुझाए गए प्रारूप से मेल खाता है। पहले फॉर्मेट 1 का उपयोग अधिक होता था, लेकिन अब यूजर्स अपनी जरूरत के अनुसार स्विच कर सकते हैं। यह बदलाव कंप्लायंस को मजबूत बनाता है, खासकर जीएसटी और वैट संबंधी दस्तावेजों में। गलत फॉर्मेट से बचने के लिए यह ऑटोमेटेड सेटिंग समय बचाती है और एरर को कम करती है।
ऑटो-रिकॉन्सिलिएशन और बैंक स्टेटमेंट इंटीग्रेशन: मैनुअल काम का अंत
टैली प्राइम 6.2 में स्मार्ट बैंक रिकॉन्सिलिएशन फीचर जोड़ा गया है, जो बैंक स्टेटमेंट्स को ऑटोमेटिकली मैच करता है। अब मैनुअल एंट्री की जरूरत नहीं; सॉफ्टवेयर एआई-ड्रिवन प्रोसेसिंग से एंट्रीज को सिंक करता है। इससे कैश फ्लो ट्रैकिंग और फाइनेंशियल हेल्थ की रीयल-टाइम इनसाइट्स मिलती हैं। इसके अलावा, इंटीग्रेटेड पेमेंट्स और अकाउंटिंग एक साथ काम करते हैं, जो बिजनेस के लिए तेजी लाते हैं।
एडवांस्ड रिपोर्टिंग और डैशबोर्ड: रीयल-टाइम एनालिटिक्स
नए अपडेट में एआई-ड्रिवन रिपोर्ट्स और स्मार्टर डैशबोर्ड्स शामिल हैं, जो सेल्स, एक्सपेंसेस और कैश फ्लो को विजुअलाइज करते हैं। रिपोर्ट्स को एक्सेल, पीडीएफ, जेपीईजी या एचटीएमएल में एक्सपोर्ट किया जा सकता है, साथ ही पिवट टेबल्स फॉर सेल्स/परचेज रजिस्टर उपलब्ध हैं। जीएसटी कंप्लायंस मॉड्यूल में ऑटो-कैलकुलेशन, इनवॉइस रिकॉन्सिलिएशन और ई-वे बिल जेनरेशन जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं, जो फाइलिंग एरर्स को रोकते हैं। मल्टी-यूजर सेटअप्स के लिए रीयल-टाइम डेटा सिंक भी सुनिश्चित करता है।
एडिट लॉग और सिक्योरिटी एन्हांसमेंट्स: ऑडिट और डेटा प्रोटेक्शन
एन्हांस्ड एडिट लॉग फीचर अब चेंजेस को परमानेंटली रिकॉर्ड करता है, जो ऑडिट ट्रेल्स के लिए जरूरी है। इंटरफेस में नेविगेशन सुधार और कंप्लायंस चेक बेहतर हो गए हैं। डेटा बैकअप्स और क्लाउड कम्पैटिबिलिटी से बिजनेस कंटिन्यूटी मजबूत हुई है, जबकि स्ट्रॉन्गर डेटा प्रोटेक्शन रिमोट एक्सेस को सुरक्षित बनाता है। ये फीचर्स मल्टी-यूजर एनवायरनमेंट्स में विश्वसनीयता बढ़ाते हैं।
निष्कर्ष
टैली प्राइम 6.2 अपडेट 2025 व्यवसायों को वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत टूल्स प्रदान करता है, जहां इनवॉइसिंग से लेकर कंप्लायंस तक सभी क्षेत्रों में सुधार हुआ है। यदि आप अभी तक अपडेट नहीं कर पाए हैं, तो आधिकारिक साइट से डाउनलोड करें और इन फीचर्स को टेस्ट करें। यह संस्करण न केवल दक्षता बढ़ाता है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार भी करता है। सही उपयोग से आपका अकाउंटिंग प्रोसेस अधिक स्ट्रीमलाइंड हो जाएगा।